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OPD शुल्क 900 रुपये! बस्तर में स्वास्थ्य के नाम पर लूट का आरोप

जगदलपुर/बस्तर।बस्तर की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के नाम पर कथित लूट और आर्थिक शोषण के खिलाफ बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) ने बुधवार को डिमरापाल स्थित सुपर स्पेशलिस्ट कॉन्टिनेंटल अस्पताल के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम एवं अस्पताल प्रबंधन को सौंपते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

बस्तर की जनता की लूट बर्दाश्त नहीं” – सुशील मौर्य

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि बस्तर जैसे आदिवासी और पिछड़े क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर जनता से अत्यधिक शुल्क वसूलना कांग्रेस पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि डिमरापाल स्थित सुपर स्पेशलिस्ट कॉन्टिनेंटल अस्पताल निजी प्रबंधन के तहत बस्तर की भोली-भाली जनता का आर्थिक शोषण कर रहा है।

सुशील मौर्य ने कहा कि वर्ष 2019-20 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार की इस परियोजना में 40 प्रतिशत राशि इस शर्त पर दी थी कि यहां बस्तरवासियों को मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की तर्ज पर सस्ती चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। लेकिन वर्तमान में इस समझौते और उद्देश्य को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।

NMDC से 53 करोड़ की मदद, फिर भी महंगी चिकित्सा क्यों?

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि NMDC स्टील लिमिटेड द्वारा इस अस्पताल के संचालन के लिए प्रतिवर्ष लगभग 53 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल की जमीन, भवन और चिकित्सा उपकरण पूरी तरह शासकीय हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब बुनियादी ढांचा और संचालन के लिए इतनी बड़ी सरकारी सहायता मिल रही है, तो फिर अस्पताल प्रबंधन द्वारा 900 रुपये OPD शुल्क और महंगी जांच दरें क्यों वसूली जा रही हैं?उन्होंने इसे पूरी तरह अनुचित और जनविरोधी बताते हुए कहा कि यह सीधे-सीधे बस्तर की गरीब और आदिवासी जनता के साथ अन्याय है।

MOU सार्वजनिक करने की मांग

कांग्रेस ने सरकार और अस्पताल प्रबंधन के बीच हुए संचालन अनुबंध (MOU) को सार्वजनिक करने की मांग की है। सुशील मौर्य ने कहा कि जब तक यह MOU सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, तब तक जनता को यह पता नहीं चल पाएगा कि उन्हें किस आधार पर शुल्क देना पड़ रहा है और उनके अधिकार क्या हैं।

OPD शुल्क में दोहरा रवैया: 450 से 900 रुपये तक

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन का रवैया शुरू से ही संदिग्ध रहा है। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को अस्पताल ने बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों के ट्रायल शुरू किया था, उस समय OPD शुल्क 450 रुपये बताया गया। लेकिन महज कुछ ही दिनों बाद 4 फरवरी को नोटिस जारी कर CGHS दरों का हवाला देते हुए इसे बढ़ाकर 900 रुपये कर दिया गया।सुशील मौर्य ने कहा कि यह दोहरा रवैया अस्पताल की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है और जनता के साथ खुली धोखाधड़ी है।

CGHS का हवाला जनता के लिए भ्रम

अस्पताल प्रबंधन द्वारा CGHS योजना का हवाला दिए जाने पर कांग्रेस ने कड़ा एतराज जताया। सुशील मौर्य ने कहा कि CGHS योजना केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए होती है, न कि बस्तर की आम जनता के लिए।

उन्होंने तीखे शब्दों में सवाल किया कि क्या अस्पताल प्रबंधन बस्तर के हर नागरिक का CGHS कार्ड बनवाएगा? यदि नहीं, तो CGHS के नाम पर आम जनता को ठगना तुरंत बंद किया जाए।

भाजपा सरकार पर सीधा हमला

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर भी जमकर हमला बोला। कांग्रेस नेता राजेश चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार में मुनाफाखोरी चरम पर है और पैसा कमाना ही इनका मुख्य पेशा बन गया है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर बस्तर की जनता को लूटने का कार्य अब सरकार के संरक्षण में किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिस्ट कॉन्टिनेंटल अस्पताल का हर संसाधन शासकीय है, फिर भी निजी प्रबंधन द्वारा मनमानी दरें वसूलना गंभीर धोखाधड़ी का मामला है।

सस्ती चिकित्सा की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट मांग की है कि NMDC से मिल रहे करोड़ों रुपये के अनुदान को देखते हुए यहां मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की दरों पर ही सुपर स्पेशलिटी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बस्तर की गरीब और आदिवासी जनता के नाम पर आवंटित संसाधनों का लाभ किसी निजी कंपनी के मुनाफे के लिए नहीं होने दिया जाएगा।

सुशील मौर्य ने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द OPD शुल्क और जांच दरों में कटौती नहीं की गई और पूर्व समझौतों के अनुरूप सस्ती चिकित्सा सुनिश्चित नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी बस्तर की जनता और आदिवासी समाज के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन और भाजपा सरकार की होगी।

ज्ञापन सौंपा गया

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप, शुल्क नियंत्रण और MOU सार्वजनिक करने की मांग की। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई राजनीति की नहीं, बल्कि बस्तर की जनता के अधिकार और जीवन से जुड़ी है।

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