रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में कोयला खदान के विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मी के साथ हुए बर्बर व्यवहार से जुड़ा मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी सोशल मीडिया पर वायरल एक परेशान करने वाले वीडियो के बाद की गई जिसमें महिला कांस्टेबल के कपड़े फाड़े जाने और उसे अपमानित किए जाने का दृश्य दिखा था।
क्या हुआ था?
यह घटना 27 दिसंबर 2025 को तब हुई जब लगभग 300 ग्रामीण ने Gare Pelma Sector-1 कोयला ब्लॉक के विरोध में विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जबरदस्त झड़पें हुईं।
भीड़ ने महिला पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ दी और उसे कपड़ों के बिना छोड़ दिया, जबकि वह बार-बार “भाई छोड़ दो” कहकर भीड़ से विनती करती नजर आई। एक वीडियो में देखा गया कि उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और भीड़ द्वारा उस पर लाठी-डंडे, भीड़ के हमले हुए। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की है और IPC की कई धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
गिरफ्तारी और जुलूस:
मुख्य आरोपी चित्रसेन साव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक अनूठी कार्रवाई की — आरोपी को चप्पलों की माला पहना कर, चेहरा काला कर, शहर में जुलूस निकाला गया और कोर्ट तक लाया गया। पुलिसकर्मियों ने उसके मुंह पर चप्पल की माला डाली और उसे पुलिस-वर्दी की अवमानना के लिए लोगों के सामने पेश किया। इससे पहले भी कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया:
छत्तीसगढ़ कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने घटना की निंदा की है और इसे मानवता पर हमला बताया है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि जांच चल रही है और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।
रायगढ़-तमनार कोयला खदान विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मी से दुर्व्यवहार का वायरल वीडियो राज्य भर में चर्चा में रहा। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर चप्पलों की माला पहनाकर प्रदर्शन किया, जिससे घटना की गंभीरता और पुलिस की प्रतिक्रिया दोनों ही उजागर हुए

