कोरबा में बालको के सेक्टर-6 में प्रस्तावित G-9 प्रोजेक्ट (बहुमंजिला आवासीय भवन) को लेकर सियासी बवाल छिड़ गया है। पिछले कुछ समय पहले उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने इस परियोजना का भूमि पूजन किया था, लेकिन अब निर्माण पर रोक लग गई है।
डीएफओ ने रोक लगा दी:
वन विभाग की डीएफओ (प्रमुख वन अधिकारी) प्रेमलता यादव को उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद फोन पर प्राप्त आदेश के तहत जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर अस्थायी स्थगन रखा गया है। न कि किसी अंतिम निर्णय के रूप में।
पूर्व मंत्री के आरोप:
कोरबा के पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा है कि यह प्रोजेक्ट कानूनों, नियमों और पर्यावरण मानकों का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि:…. राजस्व नियम, पर्यावरण कानून, वन संरक्षण अधिनियम, नगर नियोजन कानून और अन्य आवश्यक प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है।भूमि संबंधी रिकॉर्ड में भ्रामक जानकारी दी गई, वन-भूमि का गलत दावा किया गया और पेड़-कटाई की असल संख्या छुपाई गई।एसडीएम द्वारा अनुमति रद्द होने के बावजूद निर्माण जारी रखा गया।
अन्य गंभीर आरोप:
जयसिंह अग्रवाल का कहना है कि सार्वजनिक मार्गों का अवरोध किया गया है, ड्रेनेज और नाले ब्लॉक किए गए हैं, और नागरिकों के अधिकारों का हनन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच, निर्माण रोक और संबंधित अधिकारियों तथा बालको प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
राजनीतिक माहौल और आगे की लड़ाई
इस विवाद ने कोरबा में राजनीतिक सरगर्मियों को बढ़ा दिया है, जिसमें प्रशासन, उद्योग और राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस जारी है।अब यह मामला सिर्फ बिल्डिंग निर्माण का नहीं रहा, बल्कि कानून, पर्यावरण सुरक्षा, भूमि उपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों तक पहुंच गया है।

