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बस्तर में शिक्षक पात्रता परीक्षा, कड़े पहरे में 11,870 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा

जगदलपुर।छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा रविवार को आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा बस्तर जिला मुख्यालय में कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। ‘भविष्य के शिक्षकों’ की इस महत्वपूर्ण परीक्षा में अनुशासन का ऐसा उदाहरण देखने को मिला कि कड़ाके की ठंड के बावजूद अभ्यर्थियों ने जूते-मोजे उतारकर केवल चप्पल पहनकर ही परीक्षा दी।

जिला प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित ड्रेस कोड और समय सीमा के नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जहां बायोमेट्रिक सत्यापन और सघन तलाशी के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।

कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में आयोजित इस परीक्षा में कुल 14,174 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 11,870 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जबकि 2,304 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने समय पालन को लेकर भी कड़ी सख्ती बरती। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व ही केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए थे, जिसकी जानकारी अभ्यर्थियों को पहले ही दे दी गई थी।

नकल रोकने और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए तीन उड़नदस्ता दलों द्वारा लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया। इसके अलावा 24 अधिकारियों को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया था, जिन्होंने प्रश्न पत्रों के सुरक्षित परिवहन से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन तक की जिम्मेदारी निभाई। शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को परीक्षा का समन्वयक केंद्र बनाया गया था, जहां से संपूर्ण परीक्षा संचालन की निगरानी की गई।

परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। सुबह की पाली प्राथमिक स्तर के लिए थी, जिसमें शहर के 15 परीक्षा केंद्रों पर 5,599 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 4,523 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इस पाली में उपस्थिति का प्रतिशत 80.78 दर्ज किया गया।

दोपहर 3 बजे से आयोजित दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर (बीएड धारी) के अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस वर्ग में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण प्रशासन द्वारा 24 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। दूसरी पाली में अभ्यर्थियों का उत्साह अधिक नजर आया, जहां 8,575 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 7,347 ने परीक्षा दी। इस पाली में उपस्थिति का प्रतिशत 85.68 रहा।

कुल मिलाकर शिक्षक पात्रता परीक्षा में 83.74 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने भागीदारी निभाई। कड़े सुरक्षा इंतजामों, ठंड और सख्त नियमों के बावजूद अभ्यर्थियों की भारी उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि युवाओं में शिक्षक बनने को लेकर उत्साह और प्रतिबद्धता बनी हुई है।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और किसी भी केंद्र से अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि की सूचना नहीं मिली।

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