रायपुर। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के तत्वावधान में शिक्षकों की लंबित और ज्वलंत समस्याओं को लेकर 17 जनवरी 2026 को एक दिवसीय जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। यह आंदोलन “मोदी की गारंटी” के तहत घोषित चार सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा है, जो लंबे समय से शासन के समक्ष लंबित हैं।
फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि सहायक शिक्षकों के वेतन में व्याप्त विसंगतियों को दूर कर क्रमोन्नत वेतनमान दिया जाए। साथ ही प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवाकाल की गणना करते हुए समस्त शासकीय लाभ प्रदान किए जाएं। इसके अलावा पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता समाप्त करने और वीएसके (VSK) ऐप को निजी मोबाइल में डाउनलोड करने की बाध्यता खत्म करने की भी मांग की गई है।
फेडरेशन के अध्यक्ष देवराज खूंटे ने कहा कि ये सभी मांगें मोदी की गारंटी में शामिल हैं। इसे लेकर संगठन द्वारा कई बार ज्ञापन और आवेदन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन विगत दो वर्षों से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि शासन की उदासीनता के कारण शिक्षकों में भारी असंतोष है।
देवराज खूंटे ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और उग्र किया जाएगा। 17 जनवरी को होने वाले धरना-प्रदर्शन के माध्यम से शिक्षक एक बार फिर सरकार को उसकी गारंटी की याद दिलाने सड़कों पर उतरेंगे।
फेडरेशन ने सभी जिलों के शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है, ताकि सरकार तक शिक्षकों की आवाज मजबूती से पहुंच सके।

