जगदलपुर।स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती के अवसर पर बस्तर अंचल में युवाओं ने सामाजिक परिवर्तन का संदेश देते हुए सेवा और जागरूकता की मिसाल पेश की। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय एवं बस्तर जिला राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को माँ दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में भव्य युवा दिवस मेगा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता, नशा मुक्ति और साइबर अपराध जैसे ज्वलंत मुद्दों पर आमजन को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव, पार्षद संजय विश्वकर्मा, थाना प्रभारी गौरव सिंह एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. संजीवन कुमार द्वारा माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत लक्ष्य गीत ने पूरे वातावरण को राष्ट्रसेवा और युवा ऊर्जा से भर दिया।
युवा दिवस के अवसर पर लगभग 330 एनएसएस स्वयंसेवकों ने सेवा भावना का परिचय देते हुए माँ दंतेश्वरी मंदिर परिसर और ऐतिहासिक राजमहल क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। हाथों में स्लोगन और नारों के साथ निकाली गई रैली के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहीं नुक्कड़ नाट्य प्रस्तुतियाँ, जिनके माध्यम से समाज की गंभीर समस्याओं को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। शासकीय दंतेश्वरी कन्या महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत साइबर सुरक्षा पर आधारित नाटक ने डिजिटल ठगी के बढ़ते खतरे को उजागर किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं नशा मुक्ति पर आधारित नाटक ने युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं और उनके सिद्धांतों को जीवन में उतारना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। थाना प्रभारी गौरव सिंह ने साइबर अपराधों के नए तरीकों की जानकारी देते हुए युवाओं को संदिग्ध मोबाइल एप्स और लिंक से सावधान रहने की अपील की। पार्षद संजय विश्वकर्मा ने समाज को नशा मुक्त बनाने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम का संचालन जिला संगठक मौसमी विश्वास एवं कार्यक्रम अधिकारी भुनेश्वरलाल साहू ने किया। इस आयोजन को सफल बनाने में जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और मीडिया प्रतिनिधियों का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी स्वयंसेवकों ने राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

