राजधानी रायपुर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली पनीर के कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई से न केवल उपभोक्ताओं की सेहत पर मंडरा रहे खतरे को उजागर किया गया है, बल्कि मिलावटखोरों के हौसले पर भी करारा प्रहार हुआ है।खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शहर के भाठागांव क्षेत्र में स्थित एक डेयरी इकाई पर अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों और विभागीय निगरानी के आधार पर की गई थी।
छापे के दौरान टीम को वहां भारी मात्रा में पनीर मिला, जिसे प्रथम दृष्टया ही मिलावटी और अमानक पाया गया। जांच में सामने आया कि पनीर अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किया जा रहा था।कार्रवाई के दौरान करीब 1700 किलो पनीर जब्त किया गया। जब्त पनीर की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 4.76 लाख रुपये बताई जा रही है, जो सीधे आम उपभोक्ताओं की थाली तक पहुंचने वाला था।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पनीर को न तो तय मानकों के अनुसार बनाया जा रहा था और न ही इसके भंडारण में साफ-सफाई का ध्यान रखा गया था। इससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकता था।निरीक्षण के दौरान डेयरी परिसर में गंदगी, खुले बर्तन और मानकों के विपरीत सामग्री का उपयोग पाया गया। टीम ने मौके पर ही पनीर को जब्त कर आगे की बिक्री पर रोक लगा दी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पनीर के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पनीर में किस स्तर तक मिलावट की गई थी।विभाग ने संबंधित डेयरी संचालक को नोटिस जारी करते हुए सुधार के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि जांच में पनीर अमानक पाया गया तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक इकाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में मिलावट के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य डेयरी उत्पादों जैसे खोवा, दूध और मिठाइयों की भी सघन जांच की जाएगी।
इस कार्रवाई से साफ है कि त्योहारों और बढ़ती मांग के बीच मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं, जिससे आम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जाता है।खाद्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सस्ते और संदिग्ध खाद्य पदार्थों से सावधान रहें और किसी भी तरह की मिलावट की सूचना तुरंत विभाग को दें।
विभाग द्वारा हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, ताकि आम लोग बिना झिझक शिकायत दर्ज करा सकें और समय रहते कार्रवाई हो सके।फिलहाल, रायपुर में हुई इस बड़ी कार्रवाई को मिलावट के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे साफ है कि खाद्य सुरक्षा से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

