जगदलपुर, 11 जनवरी 2026।बस्तर जिले में स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने नए वर्ष की शुरुआत में ही सख्त रुख अपनाया है। उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के लिए परिवहन विभाग द्वारा 9 और 10 जनवरी को आड़ावाल स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय परिसर में दो दिवसीय सघन जांच शिविर का आयोजन किया गया।
यह अभियान परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार संचालित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित स्कूल बसों की तकनीकी स्थिति और उनमें उपलब्ध सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा करना था। जांच प्रक्रिया को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए परिवहन विभाग ने नगर सेना के जिला अग्निशमन अधिकारी के साथ संयुक्त टीम का गठन किया।
संयुक्त टीम द्वारा जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों की कुल 69 स्कूल बसों की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान बसों की फिटनेस, आपातकालीन निकास, प्राथमिक उपचार सामग्री और विशेष रूप से अग्निशमन यंत्रों की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया गया।
जांच में यह सामने आया कि 10 स्कूल बसों में लगे अग्निशमन यंत्रों की वैधता समाप्त हो चुकी थी, जो सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी मानी गई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने संबंधित 10 बसों पर तत्काल जुर्माना अधिरोपित किया और भविष्य में ऐसी चूक दोहराने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
प्रशासन ने संबंधित स्कूल बस संचालकों को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग कराकर विभाग को इसकी सूचना अनिवार्य रूप से दें। साथ ही सभी स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि स्कूली बच्चों का सफर पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।

