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बालोद में जंबूरी का ऐतिहासिक आयोजन, देशभर से उमड़ेगा युवाओं का महासंगम

बालोद।छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आयोजित होने जा रही जंबूरी को लेकर जिलेभर में उत्साह और हलचल तेज हो गई है। यह आयोजन न केवल स्काउट-गाइड आंदोलन के लिए बल्कि पूरे जिले के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक जीवन के लिए एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है। देश के कोने-कोने से हजारों स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर, प्रशिक्षक, अधिकारी और स्वयंसेवक इस जंबूरी में भाग लेने बालोद पहुँचेंगे।

जंबूरी स्थल को एक अस्थायी शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में टेंट सिटी, मंच, प्रशिक्षण क्षेत्र, भोजनालय, चिकित्सा केंद्र और सूचना केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रतिभागियों के लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है।

इस जंबूरी के दौरान युवाओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें अनुशासन परेड, नेतृत्व प्रशिक्षण, आपदा प्रबंधन अभ्यास, साहसिक गतिविधियाँ, ट्रैकिंग, रस्सी अभ्यास, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सत्र शामिल हैं। इसके साथ ही शाम के समय सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न राज्यों के प्रतिभागी अपनी लोकसंस्कृति, नृत्य, गीत और परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे।

प्रशासन की ओर से आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है, वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंबुलेंस, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन और पार्किंग प्लान भी तैयार किया गया है।

जिला प्रशासन का कहना है कि जंबूरी के माध्यम से बालोद को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। इससे न केवल जिले की सकारात्मक छवि देशभर में जाएगी, बल्कि स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और छोटे व्यवसायों को भी आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। स्थानीय नागरिकों में भी आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों और स्काउट-गाइड संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि जंबूरी युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों को मजबूत करती है। यह आयोजन आने वाली पीढ़ी को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का कार्य करेगा।

जंबूरी को लेकर बालोद जिला पूरी तरह से सज-धज कर तैयार हो रहा है। जिले के नागरिकों को उम्मीद है कि यह आयोजन लंबे समय तक याद रखा जाएगा और बालोद को एक नई पहचान दिलाएगा।

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