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बच्चों के बीच जमीन पर बैठे कलेक्टर, बंकेपारा आंगनवाड़ी में लिया पोषण स्तर का जायजा

जगदलपुर।जिले के प्रशासनिक प्रमुख जब औपचारिकता की दीवारें तोड़कर सीधे आमजन के बीच पहुंचते हैं, तो शासन और समाज के बीच भरोसे की नई इबारत लिखी जाती है। गुरुवार को कोड़ेनार क्षेत्र के बंकेपारा आंगनवाड़ी केंद्र में ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केवल कागजी समीक्षा तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि बच्चों के बीच बैठकर ‘वजन त्यौहार’ अभियान के तहत उनका वजन और कद मापा। उन्होंने पोषण स्तर की जानकारी ली और रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों का मिलान भी किया। प्रशासनिक प्रोटोकॉल से इतर वे बच्चों के साथ जमीन पर बैठ गए और आत्मीयता से बातचीत की। बच्चों ने भी बिना झिझक उनसे संवाद किया। माहौल सहज और पारिवारिक नजर आया।

कलेक्टर ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से बच्चों को दिए जा रहे पूरक पोषण आहार, हॉट कुक्ड मील, टेक-होम राशन और टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी बच्चे का वजन या स्वास्थ्य जांच छूटने न पाए। कुपोषण की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में सही पोषण मिलना बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपस्थित गर्भवती महिलाओं और किशोरी बालिकाओं से भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने उनसे पूछा कि उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ नियमित रूप से मिल रहा है या नहीं। उन्होंने आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम सप्लीमेंट, टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। महिलाओं ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी साझा किए, जिन पर त्वरित समाधान के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण का स्थान नहीं, बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि बच्चों और माताओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, पोषण ट्रैकिंग में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और रिकॉर्ड अद्यतन रखा जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि जिले में कुपोषण के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जाए और इसके लिए मैदानी अमले की सक्रियता अत्यंत जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और बैठने की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। कलेक्टर ने परिसर की साफ-सफाई बनाए रखने और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को एक सकारात्मक और स्वच्छ माहौल मिलेगा, तभी वे नियमित रूप से केंद्र आएंगे और योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ‘वजन त्यौहार’ जैसे अभियानों को केवल औपचारिक कार्यक्रम न मानकर एक जनभागीदारी अभियान के रूप में संचालित किया जाए। ग्राम स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने और अभिभावकों को पोषण के प्रति संवेदनशील बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन, एसडीएम तोकापाल श्री शंकर लाल सिन्हा तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को क्षेत्र में नियमित निरीक्षण और निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

इस पूरे कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि प्रशासनिक सख्ती के साथ मानवीय संवेदना का भी समन्वय देखने को मिला। बच्चों के बीच बैठकर उनका हालचाल जानना और सीधे संवाद स्थापित करना यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है। बंकेपारा आंगनवाड़ी केंद्र में हुआ यह निरीक्षण केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि पोषण और स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश भी था।

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