छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में अवैध रूप से गांजा बेच रहे दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस की सतर्कता और त्वरित सूचना तंत्र के कारण संभव हो सकी।
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि दो युवक शहर के गौरव वाटिका के पास संगम रोड क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ की बिक्री कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 1 किलो 26 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग दस हजार रुपये बताई जा रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनिल कुमार बघेल (उम्र 30 वर्ष), निवासी भतरा पनारापारा, जगदलपुर तथा उदय नेताम उर्फ रिंकू (उम्र 19 वर्ष), निवासी तेतरकूटी, जगदलपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से नशे के कारोबार में संलिप्त थे और युवाओं को गांजा उपलब्ध करा रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वे शहर के विभिन्न इलाकों में छोटे-छोटे पैकेट बनाकर बिक्री करते थे।
यह पूरी कार्रवाई शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली थाना पुलिस की विशेष टीम गठित की गई थी, जिसने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर ढील नहीं बरती जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति अवैध नशे के व्यापार में शामिल दिखे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे शहरों और कस्बों में तेजी से फैलता नशे का जाल युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में पुलिस की सक्रियता और समाज की जागरूकता दोनों ही आवश्यक हैं। गांजा जैसे मादक पदार्थों की आसान उपलब्धता से युवा वर्ग भटक सकता है, जिससे अपराध दर में वृद्धि और सामाजिक असंतुलन की स्थिति पैदा हो सकती है।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि बस्तर पुलिस नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि आगे भी इसी प्रकार सख्त कदम उठाए जाएंगे। लगातार निगरानी और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से ही क्षेत्र को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

