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जगदलपुर में कांग्रेस विधायक की पत्नी संदिग्ध हमले में घायल — पुलिस ने किया बड़ा अपडेट जारी

जगदलपुर (बस्तर, छत्तीसगढ़): राजनीति और सामाजिक सुरक्षा की चौराहे पर खड़ी यह घटना पूरे इलाके के लिए चिंता का विषय बन गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक लखेश्वर बघेल की पत्नी सुमित्रा बघेल (51 वर्ष) को खून से लथपथ हालत में अस्पताल लाया गया, जिसके बाद खबर फैली कि उन पर किसी ने हमला किया है। घटना की गंभीरता से पुलिस और समाज में तनाव फैल गया था।

पुलिस ने जारी किया प्रेसनोट — क्या कहा है?

जगदलपुर कोतवाली पुलिस ने 30 दिसंबर को प्रेसनोट जारी करते हुए पूरी स्थिति स्पष्ट की:
➡️ जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल से सूचना मिलने पर पुलिस सीधे घटनास्थल पर पहुंचे।
➡️ पूछताछ और जांच के बाद पुलिस का प्रथम दृष्टया निष्कर्ष है कि सुमित्रा बघेल मानसिक तनाव के कारण खुद को चोटिल कर बैठीं।
➡️ बताया गया कि यह तनाव अपनी माता के निधन के बाद से उन्हें प्रभावित कर रहा था।
➡️ घटना के पीछे किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा हमला होने के स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं और आगे की अग्रिम जांच जारी है।

घायल की हालत और अस्पताल में जांच

  • सुमित्रा बघेल को गंभीर हालत में महारानी अस्पताल, जगदलपुर में भर्ती कराया गया है।उन्हें चोटिल अवस्था में लाया गया था, जिसके बाद तत्काल उपचार और निगरानी शुरू कर दी गई है।पुलिस पूछताछ में जब उनसे घटना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने केवल “भतीजा” शब्द लिखा — जो अब जांच का एक अहम बिन्दु माना जा रहा है।

क्या यह हमला था या आत्म-हत्या का प्रयास?

प्रारंभिक पुलिस प्रेसनोट के अनुरूप, फिलहाल घटना को हमला न मानकर आत्म-आघात की दिशा में देखा जा रहा है। हालांकि पुलिस ने साफ कहा है कि यह केवल प्रारंभिक निष्कर्ष है और पूरी जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

 विधायक लखेश्वर बघेल कौन हैं?

लखेश्वर बघेल छत्तीसगढ़ के बस्तर विधानसभा से दूसरी नहीं, बल्कि तीसरी बार विधायक हैं और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने 2023 के चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार को करीब 6434 वोटों से हराया था। राजनीतिक जीवन में उन्होंने विभिन्न सामाजिक और विकास संगठनों से जुड़कर सक्रिय भूमिका निभाई है।

क्या अब नवीन मोड़ आ सकता है?

  • पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट से यह मामला हमले का नहीं बल्कि मानसिक तनाव से आत्म-आघात का मामला हो सकता है, लेकिन “भतीजा” शब्द को पुलिस संकेत या सुराग मानकर वर्तमान में जांच को गंभीरता से देख रही है। जरूरत उसी संपूर्ण जांच, मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक सबूतों की है, जो घटना की असलियत तय करेंगे।

समाज और प्रशासन के लिए बड़ा सवाल

क्या यह सिर्फ एक व्यक्तिगत तनावपूर्ण घटना है या फिर इस मामले में कहीं अन्य दबाव, पारिवारिक विवाद या बाहरी हस्तक्षेप देखने को मिलेगा? जो भी हो — सच्चाई को सामने लाना ज़रूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की सामाजिक धारणा गलत न बने।

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