बलरामपुर (छत्तीसगढ़) जहां एक ओर स्कूलों को संस्कार और सुरक्षा का केंद्र माना जाता है, वहीं बलरामपुर जिले से आई यह खबर पूरी शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर देती है। कुसमी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला बैरडीहखुर्द में पदस्थ प्रधान पाठक बीरबल यादव पर गांव की महिलाओं और युवतियों ने घिनौनी और शर्मनाक हरकतों के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी प्रधान पाठक रास्ते में महिलाओं को रोककर उनसे अश्लील बातें करता, जबरन शारीरिक संबंध की मांग करता और खुलेआम मर्यादा लांघता रहा। आरोप इतने गंभीर हैं कि ग्रामीणों ने उसकी हरकतों का वीडियो साक्ष्य भी रिकॉर्ड कर लिया, जिसे शिकायत के साथ अधिकारियों को सौंपा गया है।
🔴 डर के साए में गांव की महिलाएं
गांव की महिलाओं का कहना है कि प्रधान पाठक की वजह से वे असुरक्षित महसूस कर रही हैं। स्कूल जैसा पवित्र स्थान, जहां बच्चों का भविष्य गढ़ा जाना चाहिए, वहां ऐसा व्यक्ति पद पर बना रहना समाज के लिए खतरे की घंटी है।
📉 पढ़ाई भी प्रभावित
आरोप है कि इस शिक्षक के व्यवहार का असर केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूल का पूरा शैक्षणिक माहौल खराब हो चुका है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावकों में भारी आक्रोश है।
🟡 प्रशासन हरकत में
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
❓ बड़ा सवाल
- क्या ऐसे लोगों के हाथों में बच्चों की जिम्मेदारी सुरक्षित है?
- क्या शिक्षा विभाग ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?
ग्रामीणों की मांग है कि आरोपी प्रधान पाठक को तत्काल निलंबित कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि स्कूल और समाज में यह साफ संदेश जाए कि घिनौनी मानसिकता के लिए कोई जगह नहीं है।

