जगदलपुर। बस्तर जिले में एक मासूम बच्चे के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगी है। विकासखंड बस्तर के अंतर्गत ग्राम पंचायत नदीसागर के आश्रित गांव पराली का निवासी नौ वर्षीय ललित मौर्य जन्म से ही जन्मजात मोतियाबिंद से पीड़ित था। इस वजह से वह दुनिया की खूबसूरती देखने में पूरी तरह असमर्थ था और उसका बचपन अंधेरे में गुजर रहा था।
परिवार में ऑपरेशन को लेकर डर और संशय के कारण लंबे समय तक सर्जरी नहीं हो पाई थी। ललित के उजाले की ओर यात्रा 20 मार्च 2026 को शुरू हुई, जब वह बस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनवाने पहुंचा। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा की पहल पर आयोजित दिव्यांग सशक्तिकरण शिविर में नेत्र विशेषज्ञों ने उसकी स्थिति देखी।
पलारी के नेत्र सहायक अधिकारी श्री अनिल नेताम ने विशेष लगन से परिजनों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के महत्व और फायदों के बारे में विस्तार से समझाया। उनकी निरंतर समझाइश का परिणाम यह हुआ कि परिवार अंततः सर्जरी के लिए तैयार हो गया। इसके बाद ललित को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के विशेष निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सेवा योजना और जिला प्रशासन के समन्वय से 24 मार्च 2026 को जिला महारानी अस्पताल, जगदलपुर में डॉ. सरिता थॉमस द्वारा ललित का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद और जिला कार्यक्रम प्रबंधक कुमारी रीना लक्ष्मी के मार्गदर्शन में मेडिकल टीम ने यह चुनौतीपूर्ण सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की।
ऑपरेशन में नेत्र सहायक अधिकारी कुमारी दिव्या पाण्डे, श्री सुंकर अमृत राव, श्री देवकरण व्यास, वार्ड इंचार्ज श्रीमती अन्नपूर्णा साहू, स्टाफ नर्स श्रीमती स्मृता कच्छ, नमिता मौर्य तथा ऑपरेशन थिएटर सहायक श्री डोलेश्वर जोशी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
ऑपरेशन के बाद जब ललित की आँखों से पट्टी हटाई गई, तो उसके चेहरे पर उभरी मुस्कान और चमक ने पूरी मेडिकल टीम की मेहनत को सार्थक कर दिया। अब ललित अपनी आँखों से दुनिया को साफ-साफ देख पा रहा है और अपने परिजनों व आसपास की वस्तुओं को आसानी से पहचानने लगा है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की इस संवेदनशील पहल ने एक मासूम बच्चे के जीवन से अंधेरा दूर कर दिया और उसके परिवार में नई आशा जगा दी है।
बस्तर के नन्हे ललित की आँखों में लौटी रोशनी

