छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों के लिए समर कैंप आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह द्वारा सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने को कहा गया है।
जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रभावी है। इस दौरान विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा के विकास और रचनात्मक क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से समर कैंप आयोजित किए जाएंगे।
क्या-क्या होंगे समर कैंप में?
स्कूल शिक्षा विभाग ने समर कैंप के लिए कई गतिविधियों का सुझाव दिया है, जिनमें शामिल हैं—
चित्रकला
गायन और वादन
निबंध एवं कहानी लेखन
हस्तलिपि लेखन
नृत्य
खेलकूद
गांव और शहर के ऐतिहासिक परिचय से जुड़ी गतिविधियां
इसके अलावा स्थानीय स्तर पर अन्य रचनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकेंगे।
स्कूलों और समुदाय की होगी भागीदारी
आदेश में कहा गया है कि समर कैंप स्कूलों या गांव-शहर के सामुदायिक स्थलों पर आयोजित किए जा सकते हैं। कला एवं रचनात्मक क्षेत्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित कर बच्चों को प्रशिक्षण देने की भी बात कही गई है।
बच्चों को औद्योगिक संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य बड़े संस्थानों का भ्रमण भी कराया जा सकेगा। कैंप में शिक्षकों और पालकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुबह 7:30 से 9:30 बजे तक चलेंगे कैंप
भीषण गर्मी को देखते हुए समर कैंप सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे के बीच संचालित किए जाएंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह आयोजन पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा और इसके लिए अलग से कोई बजट उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। स्थानीय संसाधनों और जनसहयोग से कार्यक्रम संचालित करने को कहा गया है।
कलेक्टर को दिए गए विशेष अधिकार
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए समर कैंप की अवधि तय करने और आवश्यक होने पर कैंप बंद करने का अधिकार संबंधित कलेक्टरों को दिया है।
आदेश की मुख्य बातें
20 अप्रैल से 15 जून तक रहेगा ग्रीष्मकालीन अवकाश
विद्यार्थियों के लिए रचनात्मक समर कैंप आयोजित होंगे
स्कूल, सामुदायिक भवन और सार्वजनिक स्थल बनेंगे कैंप सेंटर
विशेषज्ञों और शिक्षकों की मदद से प्रशिक्षण
सुबह 7:30 से 9:30 बजे तक कैंप संचालन
अलग बजट नहीं, जनसहयोग से होगा आयोजन
कलेक्टर स्थानीय स्थिति अनुसार निर्णय ले सकेंगे



