नारायणपुर। जिले में नक्सलियों को विस्फोटक सामग्री पहुंचाने के मामले में विशेष एनआईए कोर्ट ने पति-पत्नी समेत तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषियों में रवि मरकाम, उसकी पत्नी चमेली बाई और कोसरू वड्डे शामिल हैं। मामले की जांच राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) रायपुर ने की थी।
19 मार्च 2024 को हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, 19 मार्च 2024 को नारायणपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि तारागांव में कुछ लोग जड़ी-बूटी बेचने के नाम पर विस्फोटक सामग्री की गठरियां लेकर पहुंचे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दो संदिग्धों को पकड़ा।
तलाशी के दौरान गठरियों से पोटेशियम नाइट्रेट, कार्डेक्स वायर और डेटोनेटर बरामद किए गए। पुलिस ने रवि मरकाम और उसकी पत्नी चमेली बाई को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि विस्फोटक सामग्री नक्सलियों तक पहुंचाने के लिए रखी गई थी। जांच के दौरान इस मामले में ओरछा निवासी कोसरू वड्डे की भी संलिप्तता सामने आई। इसके बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया।
SIA ने की मामले की जांच
मामला दर्ज होने के बाद आगे की जांच राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) रायपुर को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि आरोपी जब्त विस्फोटक सामग्री को पूर्व बस्तर डिवीजन भाकपा माओवादी के सप्लायर टीम और अन्य नक्सलियों तक पहुंचाने वाले थे।
SIA ने जांच पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ नारायणपुर की विशेष एनआईए कोर्ट में चालान पेश किया।
कोर्ट ने सुनाई सजा
मामले में पेश किए गए सबूतों के आधार पर कोर्ट ने रवि मरकाम, चमेली बाई और कोसरू वड्डे को दोषी करार दिया। कोर्ट ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की अलग-अलग धाराओं में सजा और जुर्माना लगाया। आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में 2 से 7 वर्ष तक के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
नारायणपुर में नक्सलियों को विस्फोटक पहुंचाने वाले पति-पत्नी समेत 3 दोषी, कोर्ट ने सुनाई सजा

