छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। रायपुर से सुकमा की ओर जा रही यात्रियों से भरी एक निजी बस नेशनल हाईवे-30 पर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि बस में बैठे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। इस दुर्घटना में ड्यूटी पर जा रही एक महिला शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 22 यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मृतक शिक्षिका की पहचान पदमनी चंद्रवंशी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे कवर्धा जिले की रहने वाली थीं और सुकमा जिले के दोरनापाल क्षेत्र में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने पर वे अपनी ड्यूटी जॉइन करने सुकमा लौट रही थीं। परिवार और सहकर्मियों को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। उनके निधन से शिक्षा विभाग में भी गहरा दुख व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार बस में 35 से अधिक यात्री सवार थे। अधिकतर यात्री रातभर का सफर तय कर रहे थे और कई लोग गहरी नींद में थे। इसी दौरान सुबह के समय बस अचानक डगमगाई और सड़क किनारे पलट गई। हादसे के दौरान कई यात्री सीटों से उछलकर एक-दूसरे पर गिर पड़े। कुछ यात्री बस के अंदर ही फंस गए थे, जिन्हें बाद में स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के तुरंत बाद यात्रियों की चीखें सुनाई देने लगीं। आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। कई लोगों ने बस के शीशे तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह चालक को झपकी आना बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान ड्राइवर को नींद आ गई, जिससे बस पर नियंत्रण बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गई। हालांकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
घटना के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया।
यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी की बस सेवाओं में सुरक्षा व्यवस्था और चालक की कार्य परिस्थितियों पर सवाल खड़े करता है। लगातार घंटों तक वाहन चलाने के कारण ड्राइवरों की थकान कई बार बड़े हादसों की वजह बनती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यात्री बसों की नियमित जांच और ड्राइवरों की फिटनेस पर सख्ती से निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पूरे इलाके में इस हादसे को लेकर दुख और चिंता का माहौल है। एक शिक्षिका की असमय मौत ने सभी को भावुक कर दिया है, वहीं घायल यात्रियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।
ड्यूटी पर जा रही शिक्षिका की मौत, यात्रियों से भरी बस पलटी, 22 घायल

