अंबिकापुर/सीतापुर। सरगुजा जिले में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार के बीच विवाद अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन गया है। विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद शुक्रवार को वे खुद गिरफ्तारी देने अंबिकापुर के लिए निकले, लेकिन रास्ते में समर्थकों ने उनका काफिला रोक लिया। कई कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए और विधायक से गिरफ्तारी नहीं देने की अपील करने लगे। स्थिति को देखते हुए विधायक को वापस सीतापुर लौटना पड़ा।
पूरा मामला राजापुर उप तहसील कार्यालय में हुए विवाद से जुड़ा है। नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने आरोप लगाया है कि विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। शिकायत के आधार पर विधायक सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं विधायक पक्ष की ओर से भी नायब तहसीलदार पर अभद्र व्यवहार और महिला से दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद क्रॉस एफआईआर दर्ज हुई है।
इस विवाद के बाद प्रदेशभर के राजस्व अधिकारियों और तहसीलदारों में नाराजगी बढ़ गई है। करीब 500 से अधिक राजस्व अधिकारी हड़ताल पर चले गए, जिससे कई जिलों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
विधायक रामकुमार टोप्पो ने मीडिया से कहा कि वे कानून और जांच प्रक्रिया का सम्मान करते हैं तथा स्वयं गिरफ्तारी देने तैयार हैं। उन्होंने समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी तरह का तनाव नहीं पैदा करने की अपील भी की।
घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्ष ने इसे प्रशासनिक तंत्र पर दबाव और सत्ता के दुरुपयोग से जोड़कर सरकार पर निशाना साधा है, जबकि भाजपा विधायक लगातार खुद को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
गिरफ्तारी देने निकले भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो को समर्थकों ने रोका, सरगुजा में बढ़ा सियासी और प्रशासनिक विवाद

