रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत 12 से 14 अगस्त तक बस्तर के नक्सल प्रभावित और अति-संवेदनशील क्षेत्रों में यह यात्रा निकाली जाएगी। इसका उद्देश्य बस्तर में शांति, विकास और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना है।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रा 12 अगस्त को नारायणपुर से दोपहर 12 बजे शुरू होगी और करीब 150 किलोमीटर का सफर तय करते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी। 13 अगस्त को दंतेवाड़ा से बीजापुर और 14 अगस्त को बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, कलगम, ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुटालू पहाड़ी तक यात्रा पहुंचेगी।
90 से अधिक गांवों में पहली बार लहराएगा तिरंगा
विजय शर्मा ने दावा किया कि बस्तर के 90 से अधिक ऐसे गांव हैं, जहां आजादी के बाद पहली बार इस स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा के प्रभाव से बाहर निकलकर बस्तर अब विकास और सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
नक्सली हिंसा के स्थलों पर शहीदों को श्रद्धांजलि
‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ के दौरान नक्सली हिंसा के प्रमुख स्थलों पर पहुंचकर शहीद जवानों और मृत ग्रामीणों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। यात्रा चिंगावरम, एर्राबोर, मनीकोंटा और ताड़मेटला सहित करीब 31 प्रमुख स्थानों से गुजरेगी। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 अगस्त को वे झीरम घाटी पहुंचकर शहीदों को नमन करेंगे।
शहीदों की स्मृति में बनेगा संग्रहालय
यात्रा के दौरान शहीद जवानों और निर्दोष ग्रामीणों से जुड़े स्थानों की मिट्टी एकत्र की जाएगी। इस मिट्टी का उपयोग रायपुर में प्रस्तावित शहीद स्मारक एवं संग्रहालय में किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 15 अगस्त को बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण शहीदों के नाम पर करने की घोषणा करेंगे।
विजय शर्मा ने कहा कि यात्रा में पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी, जवान, युवा, जनजातीय समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ बस्तर में विकास और देश में विश्वास का संदेश देगी।
बस्तर में विकास, देश में विश्वास का संदेश देगी ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’: विजय शर्मा

