रांची, 29 जुलाई। झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सीपीआई (माओवादी) के शीर्ष नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों की ओर से कुल 1 करोड़ का इनाम घोषित था। यह कार्रवाई झारखंड पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान में धनबाद-गिरिडीह क्षेत्र में की गई। उसके साथ चार अन्य माओवादी भी गिरफ्तार किए गए हैं।
मिसिर बेसरा पिछले तीन दशकों से माओवादी संगठन का सक्रिय और प्रभावशाली नेता माना जाता रहा है। वह झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में संगठन की गतिविधियों का संचालन करता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, पुलिस और सुरक्षाबलों पर हमले, विस्फोट, हथियारों की तस्करी और रंगदारी सहित 150 से अधिक मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि उससे माओवादी संगठन के नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों, वित्तीय स्रोतों और सक्रिय कैडरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इसके आधार पर आने वाले दिनों में कई अन्य बड़े अभियान चलाए जाने की संभावना है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में माओवादी संगठन के कई बड़े नेताओं के मारे जाने या गिरफ्तार होने के बाद मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी संगठन के लिए सबसे बड़ा झटका मानी जा रही है। इससे झारखंड और आसपास के राज्यों में माओवादी गतिविधियों पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया है। अधिकारियों का कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि संगठन के शेष नेटवर्क को भी पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
1 करोड़ का इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा गिरफ्तार

