नई दिल्ली। आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने की मांग को लेकर बनाया गया इंस्टाग्राम पेज ‘Reservation Hatao Andolan’ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हाल के दिनों में इस पेज के लाखों फॉलोअर्स जुड़ने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद देश में आरक्षण व्यवस्था, समानता और सामाजिक न्याय को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
पेज पर किए जा रहे पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि आरक्षण व्यवस्था अब अपने मूल उद्देश्य से भटक चुकी है और इसे समाप्त कर योग्यता आधारित व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। वहीं दूसरी ओर, आरक्षण समर्थक इसे संविधान की भावना और सामाजिक न्याय के खिलाफ अभियान बता रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, यह अभियान उस समय अधिक चर्चा में आया जब हालिया न्यायिक और सामाजिक घटनाक्रमों के बाद सोशल मीडिया पर आरक्षण को लेकर बहस तेज हुई। इसके बाद कम समय में इस इंस्टाग्राम पेज के फॉलोअर्स में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई।
हालांकि, इस अभियान को लेकर कई विशेषज्ञों का कहना है कि आरक्षण केवल आर्थिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक और सामाजिक असमानताओं को दूर करने का संवैधानिक प्रावधान है। वहीं अभियान से जुड़े लोग तर्क दे रहे हैं कि वर्तमान समय में सभी नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने हेतु आरक्षण नीति की समीक्षा की जानी चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है। एक पक्ष इसे सुधार की मांग बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे सामाजिक न्याय की अवधारणा पर हमला मान रहा है।
“आरक्षण हटाओ आंदोलन’ पेज ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल, 40 लाख फॉलोअर्स के दावे के बीच आरक्षण पर नई बहस

