जगदलपुर। नगर पालिक निगम जगदलपुर ने अवैध एवं असुरक्षित निर्माण को लेकर धर्मचंद जैन के नाम से स्टॉप वर्क नोटिस जारी किया है, लेकिन नोटिस जारी होने के बाद भी मौके पर निर्माण कार्य पर किसी प्रकार की प्रभावी रोक नहीं लगाए जाने का मामला सामने आया है। इससे निगम की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
निगम के भवन अधिकारी एवं कार्यालय अभियंता द्वारा जारी नोटिस में बताया गया है कि शिकायतकर्ता मोहनलाल पवार, निवासी मेन रोड, जगदलपुर, ने 25 अगस्त 2026 को शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में वार्ड क्रमांक 10 स्थित प्लॉट नंबर 22/2 पर बिना अनुमति और अनुमोदित मानचित्र के निर्माण किए जाने का उल्लेख किया गया था। नोटिस धर्मचंद जैन को जारी करते हुए उनसे तत्काल निर्माण कार्य रोकने और यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में निगम ने निर्माण कार्य के दौरान गंभीर अनियमितताओं का भी उल्लेख किया है। इसमें स्वीकृत मानचित्र एवं नियमों के विपरीत निर्माण, आवश्यक तकनीकी मानकों और सुरक्षा उपायों की अनदेखी तथा पड़ोसी भवन को संभावित नुकसान की बात कही गई है। निगम के अनुसार, अनियंत्रित खुदाई और निर्माण के कारण शिकायतकर्ता के दो मंजिला भवन की दीवारों में दरारें आई हैं, प्लास्टर क्षतिग्रस्त हुआ है और सीपेज की स्थिति बनी है। इससे भवन की संरचनात्मक सुरक्षा पर भी खतरा बताया गया है।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि संबंधित स्थल मुख्य मार्ग पर स्थित है, जहां भारी संख्या में लोगों और राहगीरों का आवागमन रहता है। ऐसे में निर्माणाधीन भवन के गिरने या दुर्घटना होने की स्थिति में आम लोगों के जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है।
निगम ने धर्मचंद जैन को नोटिस प्राप्त होने के साथ ही सभी निर्माण गतिविधियां तत्काल रोकने और तीन दिवस के भीतर स्वीकृत नक्शा, अनुमति तथा तकनीकी सुरक्षा प्रमाण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि आदेश का पालन नहीं करने पर निर्माण को अवैध घोषित कर नगर पालिक निगम अधिनियम के तहत सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। किसी भी जनहानि या संपत्ति नुकसान की जिम्मेदारी भी संबंधित निर्माणकर्ता की होगी।
हालांकि, शिकायतकर्ता मोहनलाल पवार का आरोप है कि नोटिस जारी होने के बावजूद निगम की ओर से मौके पर अब तक किसी प्रकार की रोक या सीलिंग की कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि निर्माण से पड़ोसी भवन और आम लोगों की सुरक्षा को खतरा है, तो निगम ने मौके पर काम बंद कराने के लिए तत्काल कदम क्यों नहीं उठाया।
शिकायतकर्ता ने निगम प्रशासन से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कर निर्माण कार्य बंद कराया जाए, भवन की सुरक्षा जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

