रायगढ़। एक आवेदन इन दिनों चर्चा में है, जिसमें भाजपा के 8 निर्वाचित पार्षदों ने सामूहिक रूप से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देने की बात कही है। जिला भाजपा अध्यक्ष को संबोधित इस आवेदन में पार्षदों ने नगर में विकास कार्यों की कथित कमी और प्रशासनिक स्तर पर समस्याओं को इसका कारण बताया है।
आवेदन में पार्षदों ने आरोप लगाया है कि पानी, बिजली, सड़क, नाली सहित अन्य विकास कार्य नहीं हो रहे हैं और पार्षद निधि के कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। साथ ही उन्होंने लिखा है कि अन्य शासकीय विभागों में भी उनका कोई काम नहीं हो रहा है।

यानी तस्वीर कुछ ऐसी है कि विपक्ष सरकार के खिलाफ सवाल उठाए तो अलग बात, लेकिन जब सत्ता पक्ष के निर्वाचित पार्षद ही विकास कार्यों की “शून्यता” लिखकर अपनी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने की घोषणा करने लगें, तो सवाल अपने आप खड़े होते हैं।
आवेदन में पार्षदों ने शासकीय कर्मचारियों पर कथित रूप से उत्पीड़न किए जाने का भी आरोप लगाया है। अंत में सभी 8 पार्षदों ने सामूहिक रूप से अपना त्यागपत्र स्वीकार करने का अनुरोध जिला भाजपा अध्यक्ष से किया है।
हालांकि, यह आवेदन अपने आप में इस्तीफा स्वीकार होने या पार्षदों द्वारा वास्तव में पार्टी छोड़ देने का अंतिम प्रमाण नहीं है। दस्तावेज़ में इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया गया है; आगे पार्टी स्तर पर क्या निर्णय हुआ, यह अलग तथ्य है।
जिस विकास का हिसाब विपक्ष मांगता रहा, अब उसी विकास पर भाजपा के अपने 8 पार्षदों ने सवालिया निशान लगाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का आवेदन दे दिया

