छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर समेत अन्य आरोपियों की आपराधिक स्थानांतरण याचिका खारिज कर दी है। अब इस मामले का ट्रायल दंतेवाड़ा कोर्ट में ही चलेगा।
आरोपी सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके ने याचिका दायर कर केस को दंतेवाड़ा से जगदलपुर ट्रांसफर करने की मांग की थी।
आरोपियों के वकील ने दलील दी थी कि जगदलपुर जेल से दंतेवाड़ा कोर्ट तक लगभग 80 किलोमीटर के सफर में उनकी जान को खतरा है, इसलिए ट्रायल की जगह बदली जाए।
लेकिन जेल प्रशासन ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि पेशी के दौरान सुरक्षा या लॉजिस्टिक से जुड़ी कोई समस्या नहीं है। जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी कराई जा सकती है और आरोपियों को दंतेवाड़ा जेल में भी शिफ्ट किया जा सकता है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि सुरक्षा का हवाला देकर ट्रायल की प्रक्रिया या स्थान को प्रभावित नहीं किया जा सकता। अब सभी आरोपियों को 4 मई को दंतेवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पत्रकार मुकेश चंद्राकर की 1 जनवरी 2025 को हत्या कर दी गई थी। उनका शव उनके चचेरे भाई और ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के घर के सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ था।
मुकेश ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का खुलासा किया था, जिसके चलते रंजिश में उनकी हत्या की गई। आरोप है कि सुरेश चंद्राकर ने अपने भाइयों और सहयोगी के साथ मिलकर हत्या की और शव को छिपाने के लिए सेप्टिक टैंक को कंक्रीट से ढक दिया था।
आरोपी सुरेश की नहीं चली, HC ने ठुकराया दावा

