जगदलपुर में नजूल जमीन पर मकान निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक ऐसा भड़का कि पूरा इलाका जंग का मैदान बन गया। बोधघाट थाना क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब रहवासी और बीजेपी की महिला पार्षद आमने-सामने आ गए।
शुरुआत में मामूली बहस लग रही यह तकरार देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों की महिलाएं अचानक उग्र हो उठीं और फिर जो हुआ, उसने हर किसी को हैरान कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुस्से में बेकाबू महिलाओं ने एक-दूसरे की चोटी पकड़कर खींचना शुरू कर दिया। सड़क पर ही धक्का-मुक्की, चीख-पुकार और जमकर मारपीट होने लगी। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि आसपास के लोग दहशत में आ गए।
स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन गुस्से की आग इतनी तेज थी कि काफी देर तक कोई भी स्थिति को काबू में नहीं कर पाया। पूरा इलाका हंगामे से गूंजता रहा।
बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ एक महिला का वह कच्चा मकान है, जिसमें वह अपनी पांच बेटियों के साथ वर्षों से रह रही है। जब उसने अपने आशियाने को पक्का करने की कोशिश की, तभी यह मामला तूल पकड़ गया।
इसी निर्माण को लेकर आपत्ति जताई गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनातनी बढ़ती चली गई और आखिरकार मामला हाथापाई तक जा पहुंचा।
घटना के बाद दोनों पक्ष सीधे थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। अब यह विवाद कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर नजूल जमीन के विवादों को लेकर शहर में उठ रहे सवालों को हवा दे दी है—क्या प्रशासन समय रहते ऐसे मामलों को सुलझाने में नाकाम हो रहा है?
फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है, और लोग इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर इस विवाद का अंत किस मोड़ पर जाकर होगा।
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