कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां नक्सल प्रभावित इलाके में चलाए जा रहे डी-माइनिंग और एरिया डॉमिनेशन अभियान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सुरक्षा बलों की टीम माओवादियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए विस्फोटकों को खोजने और निष्क्रिय करने के मिशन पर थी। इसी दौरान अचानक एक आईईडी विस्फोट हो गया, जिसने पूरे अभियान को झकझोर कर रख दिया।
इस विस्फोट में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवानों ने मौके पर ही अपनी जान गंवा दी। शहीद होने वालों में इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले शामिल हैं। वहीं, एक अन्य जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल बेहतर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बीते कई महीनों से आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर बस्तर रेंज में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान सैकड़ों आईईडी बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया जा चुका है। सुरक्षा बल जंगलों में छिपाए गए इन घातक विस्फोटकों को खत्म करने के लिए लगातार जोखिम भरे ऑपरेशन चला रहे हैं।
यह हादसा एक बार फिर इस बात को उजागर करता है कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी किस हद तक खतरनाक हैं और सुरक्षा बलों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। शहीद जवानों के बलिदान से पूरे इलाके में शोक का माहौल है, वहीं सुरक्षा बलों ने अपने मिशन को और दृढ़ता से जारी रखने का संकल्प लिया है।
जंगल में छिपे बारूद ने ली जान: DRG के तीन जवान शहीद, एक घायल

