पुलिस ने लगभग ₹20 लाख की साइबर धोखाधड़ी मामले में ठगों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह मामला ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ा था, जिसमें शिकार को डिजिटल रूप से ठगी का सामना करना पड़ा और बड़ी राशि चपत गई।
क्या हुआ?
- साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन फ्रॉड के माध्यम से व्यक्ति से लगभग ₹20 लाख से अधिक की ठगी की।
- पुलिस ने जांच के बाद आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
- मामला निवेश/डिजिटल फ्रॉड से जुड़ा था, जिसमें अपराधियों ने पीड़ित को झांसे में लेकर पैसा ले लिया।
पुलिस की कार्रवाई और छानबीन
- पुलिस द्वारा तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पकड़े गए।
- आरोपितों से डिजिटल उपकरण तथा वित्तीय रिकॉर्ड को जब्त किया गया।
- आगे की जांच में पता चला कि यह साइबर फ्रॉड गिरोह ऑनलाइन निवेश या फर्जी प्लेटफॉर्म के जरिये लोगों को लालच दे रहा था।
साइबर फ्रॉड का फैलता रूप
इसी तरह के साइबर फ्रॉड मामले लगातार सामने आ रहे हैं:
- पुलिस ने फर्जी शेयर ट्रेडिंग या निवेश के नाम पर सूबेदार से ₹20 लाख से अधिक की ठगी का मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- साइबर अपराधी फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, निवेश स्कीम, डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों से लोगों को चकमा देकर बड़ी रकम जुटाते हैं।
क्या सावधान रहें?
🔹 किसी भी डिजिटल निवेश या नौकरी/फोन कॉल पर तुरंत जानकारी साझा न करें।
🔹 अगर ऑनलाइन भुगतान या बैंक डिटेल मांग रहा हो तो पहले सत्यापित करें।
🔹 साइबर अपराध से बचने के लिए 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

