8 ठिकानों पर छापे, सरकारी काम में बाधा डालने पर पिता-पुत्र गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित जमीन मुआवजा घोटाले को लेकर Enforcement Directorate (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के 8 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई रायपुर–विशाखापट्टनम हाईवे (भारतमाला परियोजना) से जुड़े जमीन अधिग्रहण में कथित गड़बड़ी के मामले में की गई है।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसी के अनुसार,वर्ष 2021-22 के दौरान भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण में सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से अवैध तरीके से मुआवजा हासिल किया गया आरोप है कि जमीन की कीमत बढ़ाकर या रिकॉर्ड में हेरफेर कर ज्यादा मुआवजा निकाला गया। यह मामला अब मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा होने के कारण ED के दायरे में आया है और कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की जा रही है।
छापे के दौरान हंगामा, 2 गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान एक बड़ा विवाद भी सामने आया।
रायपुर जिले में अभनपुर थाना क्षेत्र में सत्यनारायण गांधी और उनके बेटे जयप्रकाश गांधी पर आरोप है कि उन्होंने ED टीम को घर में घुसने से रोका,अधिकारियों से धक्का-मुक्की की,गाली-गलौज की,इस पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
कैसे हुआ घोटाला?
जांच एजेंसियों के अनुसार इस पूरे मामले में संभावित गड़बड़ियां इस प्रकार हैं: जमीन का कृत्रिम रूप से मूल्य बढ़ाना…..एक जमीन को कई हिस्सों में बांटकर अलग-अलग नामों से मुआवजा लेना फर्जी दस्तावेज और बैकडेट एंट्री,राजस्व अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत,पहले की जांच में भी ऐसे संकेत मिले थे कि मुआवजे की राशि को गैरकानूनी तरीके से बढ़ाकर करोड़ों की हेराफेरी की गई।
भारतमाला परियोजना से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी
Bharatmala Pariyojana से जुड़ा है इस परियोजना के तहत देशभर में हाईवे और आर्थिक कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं रायपुर से विशाखापट्टनम को जोड़ने वाली सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण हुआ था इसी अधिग्रहण प्रक्रिया में मुआवजा वितरण में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं
आगे क्या?
ED अब पैसे के पूरे ट्रेल (money trail) की जांच कर रही है किन-किन लोगों को फायदा हुआ, इसकी पड़ताल जारी है और भी सरकारी अधिकारी, दलाल और लाभार्थी जांच के घेरे में आ सकते हैं
छत्तीसगढ़ का यह मामला सिर्फ जमीन मुआवजा विवाद नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम, राजस्व रिकॉर्ड और भ्रष्ट गठजोड़ पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
ED की यह कार्रवाई आने वाले समय में बड़े खुलासों और संभावित गिरफ्तारियों का रास्ता खोल सकती है।
छत्तीसगढ़ में जमीन मुआवजा घोटाले पर ED की बड़ी कार्रवाई

