जगदलपुर। बस्तर जिले के स्कूली छात्रों की प्रतिभा और उनके तकनीकी कौशल को एक साझा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आज शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (कन्या क्रमांक-2) के परिसर में जिला स्तरीय व्यावसायिक मेले का आयोजन किया गया। समग्र शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उसे कौशल और रोजगार से जोड़ने की एक अनूठी मिसाल पेश की। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस मेले में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 30 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और यह साबित कर दिया कि हुनर किसी उम्र का मोहताज नहीं होता।
इस मेले का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा प्रदर्शित वे व्यावहारिक गतिविधियां रहीं जो सीधे तौर पर हमारे वास्तविक जीवन से जुड़ी हैं। स्टॉल्स पर जहाँ एक ओर छात्र मिट्टी के बर्तन बनाने की कला में रमे नजर आए, वहीं दूसरी ओर नन्हे हाथों से बिजली के खराब उपकरणों को सुधारने का तकनीकी कौशल भी देखने को मिला। इसके साथ ही बागवानी, सिलाई, कंप्यूटर वर्क और पाक कला जैसे क्षेत्रों में बच्चों की दक्षता ने यहाँ पहुँचने वाले आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हस्तशिल्प के क्षेत्र में बस्तर की पारंपरिक कला और आधुनिक सोच का अद्भुत संगम इस आयोजन की विशेषता रही, जिसने छात्रों में छोटी उम्र से ही रोजगार क्षमता विकसित करने का एक सशक्त प्रयास किया।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन कर युवा कौशलकारों का उत्साहवर्धन किया। जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल और जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे ने बच्चों के नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से छात्र न केवल अकादमिक रूप से सशक्त होंगे, बल्कि भविष्य में एक आत्मनिर्भर और स्वावलंबी नागरिक बनकर उभरेंगे। कार्यक्रम के दौरान परमेश्वर पांडे, प्राचार्य सुधा परमार, खंड स्रोत समन्वयक अजय शर्मा और फिरोज खान की उपस्थिति ने आयोजन को और खास बनाया। मेले के समापन पर बच्चों के चेहरों की चमक और उनका आत्मविश्वास यह स्पष्ट कर रहा था कि शिक्षा और कौशल का यह मेल बस्तर के शैक्षणिक भविष्य के लिए एक नई क्रांति लेकर आएगा।

