छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में मंगलवार को नक्सलवाद का अंतिम कमांडर पापाराव सामने आया, जहां उसने होने 17 नक्सलियों के साथ पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया।
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि सरेंडर करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के सदस्य प्रकाश मडवी और अनिल तट्टू भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने AK-47 समेत कई हथियार भी जमा किए हैं।
पापाराव पर करीब ₹25 लाख का इनाम था। वह लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में शामिल था और कई बड़े हमलों में उसका नाम सामने आया है।
बताया जा रहा है कि वह 2010 के दंतेवाड़ा हमले में भी शामिल था, जिसमें 76 जवान शहीद हुए थे। इस वजह से वह सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा लक्ष्य था।
इसी बीच ओडिशा में भी एक बड़ी सफलता मिली है, जहां सुकु नाम के 49 साल के नक्सली ने सरेंडर कर दिया। उस पर ₹55 लाख का इनाम था और वह लंबे समय से सीमा इलाके में सक्रिय था।
पुलिस का कहना है कि लगातार चल रहे ऑपरेशन और दबाव के कारण नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब इस इलाके में नक्सलियों की संख्या तेजी से कम हो रही है।

