एक घर का जायजा लेकर लौटने पर प्रभावित लोगों ने जताई नाराजगी, सभी पीड़ित परिवारों का हाल जानने की मांग
डोंगाघाट। मुख्यमंत्री के डोंगाघाट दौरे के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब मुख्यमंत्री के एक बाढ़ प्रभावित घर में पहुंचकर कुछ देर रुकने के बाद वापस लौटने पर स्थानीय बाढ़ पीड़ितों ने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में कई परिवार बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि घरों में रखा सामान पानी में भीगने के कारण खराब हो गया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी उनकी परेशानियां कम नहीं हुई हैं और वे अब भी कठिन परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं।
बाढ़ पीड़ितों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को गांव के अन्य प्रभावित परिवारों के घरों तक भी पहुंचकर उनकी स्थिति देखनी चाहिए थी। लोगों का कहना था कि केवल एक घर का जायजा लेने से बाढ़ से हुए नुकसान और प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति का पूरा आकलन नहीं हो सकता।
ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि गांव में बाढ़ से प्रभावित सभी परिवारों का मौके पर जाकर वास्तविक सर्वे कराया जाए तथा मकानों, घरेलू सामान और अन्य नुकसान का आकलन कर पात्र परिवारों को आवश्यक राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हुई नारेबाजी के बाद बाढ़ प्रभावितों की नाराजगी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।
एक घर का जायजा लेकर लौटे CM, भड़के बाढ़ पीड़ित

